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किसी ने क्या खूब कहा है एक दिन ऐसा भी आएगा जब किताबे बीकेगी सड़को पर और जूते बिकेंगे ....…......

(1)डर मुझे भी लगा फासला देखकर  पर मैं बढ़ता रहा हौसला देखकर  मेरी मंजिल खुद ब खुद नजदीक आती गयी मेरा हौसला देखकर (2) मैदान में हारा हुआ इंसान फिर जीत सकता है लेकिन मन से हर हुआ इंसान कभी नही जीत सकता (3) उड़ने में कोई बुराई नही है आप। भी उड़े लेकिन उतना ही जहा से जमीन साफ सिखाई दे (4) जितना कठिन शंगर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी (5) जब तुम पैदा हुए थे तुम रोए थे तब सारी दुनिया ने जश्न मनाया  था तुम  अपना जीवन ऐसा जिओ की तुम्हारी मौत पे सारि दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ (6)अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो लोगो के बातो को दिल से लगाना छोड़ दो (7)अगर आप सही हो तो कुछ भी साबित करने की काशिश मत करो बस इंतेजार करे वक्त गवाही खुद देदेगा (8)अच्छी किताबे                       और अच्छे लोग जल्दी समझ मे                     नही आते उन्हें पढ़ने पड़ते है (9)हर जगह शब्द तो मुफ्त मिल जाते  है बस उनके इस्तेमाल करने...
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Aye din murder rape kyo badh rahe hai

Aye din murder rape ki snkhya badh rahi hai? Google image Aaj hamare hindustaan ka sabse bada samssya hai aye din badte rape ka aapko roj news me do teen news dekhne ko mil rahe hai  kya aap jaante hai iska jimmedar kaun hai  nahi to chalo aaj jaan lete hai  rape ka karan hai tv aur internet  aap soch rahe honge ki mai majak kar raha hu lekin nahi yahi sach hai tv(television) pe ane wale sireal  movie  isme topics kuchh bhi ho lekin usme hamesha kamukta hi dikhate hai  kapde pahnane ka style    brodness gala tite jeens  aur  aj kal...

जीवन मे अगर आप स्वस्थ हो तो हर काम मुमकिन....…..

जीवन मे अगर आप स्वस्थ हो तो ही हर काम मुमकिन है? Google image आज हम बात करेंगे हेल्थ इज वेल्थ की  आज हम इतना काम कर रहे  है   की काम के आगे हमें अपने लिए थोडा भी टाइम नहीं मिल पाता है लेकिन अगर हमें जीवन में स्वस्थ रना है तो समय निकालने पड़ेंगे अगर आप चाहते है अपने लिए समय निकालने का तो सबसे पहले अपनी जरूरते को कम करे बुरा ना माने हम आपको ठेस नहीं पहुचाना चाहते है समझे मेरी बात को जैसे की आपके बाजु वाला  महंगा मोबाइल चला रहा है लोग अगर उसकी तारीफ कर देते है तो  हम भी सोचने लगते है की कास ऐसा मोबाइल मेरे पास होता तो लोग हमारी भी तारीफ करते  क्या है न  आज सब जगह compmtition है इस लिए आज सब बेचारे भागम भाग वाली ज़िन्दगी जी रहे औरअगर  हमारे पास थोडा समय बचत भी है तो हम मोबाइल टीवी गेम न्यूज़ में निकाल देते अगर हमें स्वस्थ रहना है तो आज से ही हमे कम से कम 30 मिनट ऎक्सरसाइज के लिए निकालने होंगे और डाइटिंग का भी ध्यान देना होगा नही तो जवानी के चालीस से पैतालीस साल तो आराम से काट जाते है  उसके बाद हम रोज डॉक्टर के चक्कर काटते ...

... क्या आप जानते है आज भी टायर का रंग काला क्यो है

दुनिया मे दोस्तो कोई  भी ऐसी चीज़ नही बची है जिसमे वक्त बदलते उसमे बदलाव नही हुए हो लेकिन दोस्तो क्या आप  जानते है साईकल मोटरसाइकल ट्रक कार में लगने वाले पहिये में  टायर  का कलर आज भी वैसे जैसे सौ साल पहले था? Google image टायरों का रंग काला ही क्यों होता है लाल पीला या सफेद क्यों नहीं होता जानिए कारण क्या है किसी भी वाहन का मेनपार्ट टायर ही होता है और टायर की वजह से ही एक वाहन लंबा सफर तय कर पाता है अब तो टेक्नोलॉजी में बहुत बदलाव आ गया है फिर भी टायरों को किसी दूसरे कलर में क्यों नहीं बनाया जाता जो देश टेक्नोलॉजी में बहुत आगे जा चुका है उस देश के टायरों का रंग भी काला होता है तो आइए जानते हैं टायर का रंग काला ही क्यों होता है किसी दूसरे रंग का क्यों नहीं होता वैसे तो पहिए का इतिहास आदिमानव के जमाने से चलता आ रहा है और वह पहिया ज्यादा गति से चल नहीं पाते थे तब ज्यादा गति एवं आरामदायक सफर के लिए इसमें टायर लगाने की बात सोची गई पर उस समय रबड़ जैसी किसी चीज की खोज नहीं हुई थी और जब रबड़ की खोज हुई तो इसी के टायर बनाने चालू हो गए जो कुछ आरामदायक लगने लगे ले...

क्या आप जानते है मोबाइल का अविष्कार किसने किया है

(1) आज के समय मे सबसे  ज्यादा कोई चीज़ इस्तेमाल किया जाता है तो है इंटरनेट  आज जानते है सबसे पहले इंटरनेट और कम्प्यूटर कब और कह बना था कम्प्यूटर और इंटरनेट : दुनिया का पहला कम्प्यूटर 1946 में अमेरिका में बनाया गया था। यह काफी बड़ा था और इसे चलाने के लिए बहुत से लोगों की आवश्यकता होती थी। घर, विद्यालय और कार्यालय में काम आने वाले छोटे कम्प्यूटर, जिन्हें पीसी के नाम से जाना जाता है, 1977 में खोजे गए थे हालांकि कम्प्यूटर नहीं होता तो इंटरनेट की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। दोनों का ही क्रमिक विकास हुआ। इंटरनेट का सफर 1970 के दशक में विंट सर्फ (Vint Cerf) और बाब काहन (Bob Kanh) ने शुरू किया गया। 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग के एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (APRA) ने संरा अमेरिका के 4 विश्वविद्यालयों के कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग करके इंटरनेट 'अप्रानेट' (APRANET) की शुरुआत की। 1972 में इलेक्ट्रॉनिक मेल अथवा ई-मेल की शुरुआत हुई। यह एक क्रांतिकारी शुरुआत थी। (2) मोबइल का अविष्कार किसने किया था क्या आप जानते है Google image (2) कुछ साल पहले अगर हमें कोई संदेश किसी...

आप नही जानते इन सब्जियो को खाने के कितने फायदे है

क्या आप इन छः हरी सब्जियों को खाने के फायदे जानते है  (1)   पालक हरी पत्तेदार सब्जियों में उसका अपना एक अपना अलग मुकाम है Google image पालक हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट सहित कई तरह के पोषक तत्व पाये जाते हैं। भोजन में पालक का उपयोग कई तरीके से किया जाता है। सब्जी के अलावा इसे सूप, जूस  कई और व्यंजन बनाने में भी किया जाता है। आमतौर पर पालक पूरे वर्ष हर मौसम में असानी से मिल  जाता है लेकिन सर्दियों के मौसम में यह बहुतायत पाया जाता है। पालक आयरन के अलावा पिगमेंट, विटामिन, मिनरल और फाइटोन्यूट्रिएंट का अच्छा स्रोत होता है। पालक खाने से स्वास्थ्य को कई फायदे होते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको पालक खाने के फायदे बतायेगे पालक में वसा तथा कैलोरी बहुत कम मात्रा में पायी जाती है इसकी वजह से पालक वजन घटाने में काफी उपयोगी है। इसमें कई पोषक तत्वों के अलावा फैट में घुलनशील फाइबर भी पाया जाता है। यह फाइबर भोजन पचाने में सहायक होता है जिससे व्यक्ति को कब्ज की समस्या नहीं होती है और ब्लड शुगर भी बेहतर रहता है और आपको अध...

नमाज़ की अहमियत क्या हर मुसलमान को पता है?

नमाज़ सभी उम्मतों मे मौजूद थी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स. अ.) से पहले हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की शरीअत मे भी नमाज़ मौजूद थी। क़ुरआन मे इस बात का ज़िक्र सूरए मरियम की 31 वी आयत मे मौजूद है कि हज़रत ईसा (अ.स.) ने कहा कि अल्लाह ने मुझे नमाज़ के लिए वसीयत की है। इसी तरह हज़रत मूसा (अ. स.) से भी कहा गया कि मेरे ज़िक्र के लिए नमाज़ को क़ाइम करो। (सूरए ताहा आयत 26) इसी तरह हज़रत मूसा अ. से पहले हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम भी नमाज़ पढ़ते थे जैसे कि सूरए हूद की 87वी आयत से मालूम होता है। और इन सबसे पहले हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम थे। जो अल्लाह से अपने और अपनी औलाद के लिए नमाज़ क़ाइम करने की तौफ़ीक़ माँगते थे। और इसी तरह हज़रत लुक़मान अलैहिस्सलाम अपने बेटे को वसीयत करते हैं कि नमाज़ क़ाइम करना और अम्रे बिल मअरूफ़ व नही अज़ मुनकर को अंजाम देना।  नमाज़ के बराबर किसी भी इबादत की तबलीग़ नही हुई हम दिन रात में पाँच नमाज़े पढ़ते हैं और हर नमाज़ से पहले अज़ान और इक़ामत की ताकीद की गई है। इस तरह हम बीस बार हय्या अलस्सलात (नमाज़ की तरफ़ आओ।) बीस बार हय्या अलल फ़लाह (कामयाबी की तरफ़ आओ।) बीस...